250+ Best Gulzar Shayari On Love, Life, Eyes And Dard With Images


Gulzar Ki Shayari - Read Best Hindi Shayari And Ghazal From Gulzar. Find Great Collection Of Top Gulzar Shayari On Love, Life, Relationship, Intezar, Dard, Mohabbat in Hindi And Urdu.

gulzar shayari
Gulzar Shayari

Top Short Ghazal And Shayari in Hindi By Gulzar



मिल गया होगा कोई गजब का हमसफ़र,
वरना मेरा यार यूँ बदले वाला नहीं था!




तुम्हारी खुशियों के ठिकाने बहुत होंगे,
मगर हमारी बेचेनियों की वजह बस तुम हो!

gulzar shayari in urdu
Gulzar Shayari In Urdu


कौन कहता है हम झूंठ नहीं बोलते,
एक बार खैरियत पुछ कर तो देखिये!




थोड़ा है थोड़े की जरूरत है,
ज़िन्दगी फिर भी यहाँ खुबसूरत है!

gulzar shayari book
Gulzar Shayari Book


मुझको मेरे वजूद की हद तक न जानिये,
बेहद हूँ, बेहिसाब हूँ, बे-इन्तहां हूँ में!

Gulzar Shayari On Life


देख दर्द किसी और का आह दिल से निकल जाती है,
बस इतनी सी बात तो आदमी को इंसान बनाती है!




जख्म कहाँ-कहाँ से मिले हैं छोड़ इन बातों को,
ज़िन्दगी तू तो बता, सफ़र और कितना बाकी है!

gulzar shayari on life
Gulzar Shayari On Life


जब मिला शिकवा अपनों से तो ख़ामोशी ही भलीं,
अब हर बात पर जंग हो यह जरुरी तो नहीं!




झूंठे तेरे वादों पर बरस बिताए,
ज़िन्दगी तो काटी बस अब यह रात कट जाए!

gulzar shayari on morning
Gulzar Shayari On Morning


खुद से ज्यादा सम्हाल कर रखता हूँ मोबाईल अपना,
क्यों की रिश्ते सारे अब इसी में कैद है!

Gulzar Shayari In Hindi


में तो चाहता हूँ हमेशा मासूम बने रहना,
ये जो ज़िन्दगी है समझदार किए जाती है!




तेरे जाने से कुछ बदला तो नहीं,
रात भी आई थी और चाँद भी , मगर नींद नहीं…

gulzar shayari on eyes
Gulzar Shayari On Eyes


जैसे कही रख के भूल गए हो वो,
बेफिक्र वक़्त अब मिलता ही नहीं!




जिसकी आँखों में कटी थी सदियाँ,
उसी ने सदियों की जुदाई दी है!

gulzar shayari on love
Gulzar Shayari On Love


कभी ज़िन्दगी एक पल में गुज़र जाती है,
कभी ज़िन्दगी का एक पल नहीं गुज़रता!

Gulzar Shayari Image


कुछ अधूरे से लग रहे हो आज,
लगता है किसी की कमी सी है!




कोई पूछ रहा है मुझसे अब मेरी ज़िन्दगी की कीमत,
मुझे याद आ रहा है हल्का सा मुस्कुराना तुम्हारा!

gulzar shayari on intezaar
Gulzar Shayari On Intezaar


दिन कुछ ऐसे गुज़रता है कोई,
जैसे अहसान उतारता है कोई…
आइना देख कर तस्सली हुई,
हमको इस घर में जनता है कोई!




ज़िन्दगी यूँ हुई बरस तन्हा,
काफिला साथ और सफ़र तन्हा!

gulzar shayari on ishq
Gulzar Shayari On Ishq


खुशबु जैसे लोग मिले अफसाने में,
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में!

Gulzar 2 Line Shayari


बचपन के भी वो दिन क्या खूब थे,
ना दोस्ती का मतलब था न मतलब की दोस्ती थी!!.




मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी है, शौर भी है…
तूने देखा ही नहीं आँखों में कुछ और भी है!

gulzar shayari on happiness
Gulzar Shayari On Happiness


अपने साए से चौक जाते हैं हम,
उम्र गुजरी है इस कदर तनहा!

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तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं,
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन जिनगी तो नहीं!

-

रात को भू कुरेद कर देखो,
अभी जलता हो कोई पल शायद!

Gulzar Shayari On Love


अगर कसमें सब होती,
तो सबसे पहले खुदा मरता!
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मुद्दतें लगी बुनने में ख्वाब का स्वेटर,
तैयार हुआ तो मौसम बदल चूका था!

-

जागना भी काबुल है तेरी यादों में रातभर,
तेरे अहसासों में जो सुकून है वो नींद में कहाँ!

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हाथ छुटे तो भी रिश्ते नहीं छोड़ा करते,
वक़्त की शाख से रिश्ते नहीं तोड़ा करते!

-

वो चीज जिसे दिल कहते हैं,
हम भूल गए हैं रख कर कहीं!!

Gulzar Sahab Shayari


आज दिल की ज़ेरोक्स निकलवाई,
सिर्फ बचपन वाली तस्वीरें ही रंगीन नज़र आई!

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इतने लोगों में कह दो अपनी आँखों से,
इतना ऊँचा न ऐसे बोला करे, लोग मेरा नाम जान जाते हैं!

-

थम के रह जाती है ज़िन्दगी,
जब जम के बरसती है पुरानी यादें!
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मौसम का गुरुर तो देखो,
तुमसे मिल के आया हो जैसे!

-

सिर्फ शब्दों से न करना,
किसी के वजूद की पहचान…
हर कोई उतना कह नहीं पाता,
जितना समझता और महसूस करता है!!

Gulzar Shayari In Hindi Font


ऐसा तो कभी हुआ नहीं,
गेल भी लगे और छुआ भी नहीं!

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ये खुशभ है गेसुओं की जैसे कोई गुलज़ार है,
की इतर से महका आज पूरा बाज़ार है!

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बे सबब मुस्कुरा रहा है चाँद,
कोई साजिश छुपा रहा है चाँद!

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मेरे दर्द को यूँ ही गुलज़ार रखना मेरे मौला,
ऐसा न हो इन खुशियों की आदत लग जाए!
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में हर रात साडी ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता हूँ,
हैरत यह है की हर सुबह यह मुझसे पहले जाग जाती है!

Gulzar Ki Shayari


यूँ तो ऐ ज़िन्दगी तेरे सफ़र से शिकायतें बहुत थी,
मगर दर्द जब दर्ज करने पहुंचे तो शिकायते बहुत थी!

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दवा अगर काम न आए तो नज़र भी उतारती है,
ये माँ है साहब हार कहाँ मानती है!

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नज़र झुका के उठाई थी जैसे पहली बार,
फिर एक बार तो देखो मुझे उसी नज़र से!

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आँखे थी जो कह गई सब कुछ,
लफ्ज़ होते तो मुकर गए होते!

-

दर्द की भी अपनी एक अदा है,
वो भी सहने वालों पर फ़िदा है!

Gulzar Love Shayari


मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी है शौर भी है,
तूने देखा ही नहीं, आँखों में कुछ और भी है!

-

आओ जुबान बाँट ले अपनी-अपनी हम,
न तुम सुनोंगे बात न हमको समझना है!

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उनकी यादों से ही खुद को इतना गुलज़ार रखता हूँ,
की तनहाइयाँ दम तौड़ देती है मेरी चौखट पर आकर!

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शायर बनन बहुत आसान है,
बस एक अधूरी मुहोब्बत की मुकम्म्मल डिग्री चाहिए!

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साथ-साथ घूमते हैं में और वो अक्सर,
लोग मुझे आवारा और उसे चाँद कहते हैं!

Gulzar Shayari On Zindagi


बहुत मुश्किल से करता हूँ तेरी यारों का कारोबार,
मुनाफा कम है लेकिन गुज़ारा हो ही जाता है!

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हमने अक्सर तुम्हारी राहों में,
रूककर अपना ही इंतज़ार किया!

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एक सपने के टूट कर चकनाचूर हो जाने के बाद,
दुसरे सपन देखने के हौंसले को ज़िन्दगी कहते हैं!

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ऐ हवा उनको खबर कर दे मेरी मौत की,
और कहना कफ़न की ख्वाहिश में मेरी लाश उनके आँचल का इंतज़ार करती है!

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ज़िन्दगी ये तेरी खरोंचे है मुझ पर,
या तू मुझे तराशने की कोशिश कर रही है!

Gulzar Shayari Book


पलक से पानी गिरा है तो उसे गिरने दो,
कोई पुरानी तम्मना पिघल रही होगी!

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पनाह मिल जाए रूह को जिसका हाथ थामकर,
उसी हथेली पर घर बना लूँ!

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शाम से आँख में एक नमी सी है,
आज फिर आप की कमी सी है!

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नाराज़ हमेशा खुशियाँ ही होती है,
ग़मों के इतने नखरे नहीं है!

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कुछ रिश्तों में मुनाफा नहीं होता,
लेकिन ज़िन्दगी को अमीर बना देते हैं!

Gulzar Romantic Shayari


लगता है ज़िन्दगी आज कुछ खफा है,
खैर छोडिये कौन सी पहली दफा है!

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एक ही ख्वाब ने साडी रात जगाया है,
मेने हर करवट सोने की कोशिश की है!

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कभी ज़िन्दगी एक पल में गुज़र झाती है,
कभी ज़िन्दगी का एक पल नहीं गुज़रता!

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तकलीफ खुद ही कम हो गई,
जब अपनों से उम्मीदें कम हो गई!

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आप के साथ हर घडी हमने आप ही के साथ गुजारी है!

Shayari By Gulzar On Love


इतना क्यों सिखाए जा रही हो जिंदगी,
हमें कोनसी यहं ज़िन्दगी गुजारनी है!

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थोडा है थोड़े की ज़रूरत है,
ज़िन्दगी फिर भी यहाँ की खुबसूरत है!!

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आदतन तुमने कर दीए वादे, आदतन हमने एतबार किया..
तेरी राहों में बारहाँ रुक कर, हमने अपना ही इंतज़ार किया!
अब ना मांगेंगे ज़िन्दगी या रब,
यह गुनाह हमने जो एक बार किया!!

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तजुर्बा बता रहा हूँ ऐ दोस्त…दर्द, गम, डर जो भी हो बस तेरे अन्दर है
खुद के बनाए पिंजरे से निकल कर तो देख, तू भी एक सिकंदर है!!

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धागे बड़े कमजोर चुन लेते हैं हम,
और फिर पूरी उम्र गांठ बंधने में ही निकल जाती है !!

Gulzar Dil Se Shayari


कौन कहता है की हम झूंठ नहीं बोलते,
एक बार खैरियत तो पछ के देखिये जनाब!!

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यूँ तो रौनकें गुलज़ार थी महफ़िल, उस रोज़ हसीं चहरों से…
जाने कैसे उस पर्दानशी की मासूमियत पर हमारी धड़कने आ गई!!

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महफ़िल में गले मिलकर वह धीरे से कह गए,
यह दुनिया की रस्म है, इसे मुहोब्बत मत समझ लेना!!

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सफल रिश्तों के बस यही उसूल है,
बातें भूलिए जो फिजूल है!!

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जिसकी आँखों में कटी थी सदियाँ,
उसी ने सदियों की जुदाई दी है!!

Gulzar Sad Shayari


हमने अक्सर तुम्हारी राहों में रुक कर,
अक्सर अपना ही इंतज़ार किया!!

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एक पुराना ख़त खोला जब अनजाने में,
खुशु जैसे लोग मिले अफसाने में!!

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कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ,
किसी की आँख में हम को भी इंतज़ार दिखे!!

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वक़्त भी हार जाते हैं कई बार ज़ज्बातों से,
कितना भी लिखो, कुछ न कुछ बाकि रह जाता है!!

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हजारों ख्वाब टूटते है, तब कहीं एक सुबह होती है!

Best Of Gulzar Shayari


अब शाम नहीं होती, दिन ढल रहा है…
शायद वक़्त सिमट रहा है!!

-

जब भी ये दिल उदास होता है,
जाने कोन दिल के पास होता है!

-

बदल जाओ वक़्त के साथ या वक़्त बदलना सीखो,
मजबूरियों को मतं कोसो, हर हाल में चलना सीखो!

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